खुशियां हज़ार दो ..... मेरे-गीत
अपना कहो मुझे और खुशियां हज़ार दो
यूँ ही किसी गरीब की किस्मत सँवार दो
दीवाना बन गया हूँ तेरी तिरछी नज़र का
पलकें झुका, झुका के, दिल को क़रार दो
जीता हूँ तेरे प्यार में खामोश हूँ मगर
कभी तो मेरे प्यार का, सदका उतार दो
महका हुआ बदन तेरा, ऑंखें है मरमरी
छूकर मुझे ऐ गुलबदन, मुझको निखार दो
#सुरभि
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