बंधन - RJSURABHISAXENA

बंधन

कभी तुझे बांधा ही नही अपने जन्मों के बंधन से......
कभी तुम्हें रोका ही नही अपने अधरों के बंधन से ॥
अपने चंचल चितवन से कभी नही मैंने कोई शिकवा ही किया
कभी नही रोका तुमको अपने बाँहों के बंधन से

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