बिखर जाओ कहीं - RJSURABHISAXENA

बिखर जाओ कहीं

रंगों में ढलों आओ मुझ में बिखर जाओ कहीं
मेरी आवाज़ बुलाती है, अब तो ठहर जाओ वही ।।।






No comments

RJ Surabhii Saxena. Powered by Blogger.