वक्त की दीवार ने, हर्फ़ के हर तार ने ॥
एक एक पल की दूरी का ज़िक्र आज दिल से किया
पूछा एक बार फिर .... बस एक बार कब ...
तुमसे मुलाकात होगी कब वो हसीं रात होगी ...
जब हम आपके आगोश में दम लेंगे .............
कब इस सूखी बंज़र पर प्यार का सावन बरसेगा
कब हरित होंगे ये मन और नयन ।
कब कब कब ......
सुरभि
सुन्दर रचना
ReplyDeleteधन्यवाद जी
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