तुम से ही
कई बार सोचा तुमको भुला दू ,हो न सका दिल कि मज़बूरी प्यार बन गयी ... हर कुर्वानी आग बन गयी ,
आज भी मन मी तुम ही बसे हो ,
जैसे श्व्ते चुनर पर रंग सजे हो ...
धानी फसल पर पीले फूल उगे हो....।
धानी फसल पर पीले फूल उगे हो....।
बासुरी से जैसे गीत बजे हो ...
सुरभि
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