क्यों सपनों में ही रहते हैं शहजादे ... ?
एक नारी के मन में
बसती है जो मूरत ..
वो टूट अगर जाये तो
छूट अगर जाये तो ..?
जीने का हक़ छीन
लिया क्यों जाता है ?
ये कैसी, रस्में,
ये कैसा नाता है ?
क्यों जीना
उसके भाग्य नही ?
क्यों, क्या उसके मन
में ज़ज़बात नही ?
क्यों सपनों वाली
रात नही
क्यों अपना
कोई साथ नहीं ?
क्यों सपनों में ही
रहते हैं शहजादे ... ?
क्यों सच की
कोई बात नही ...
लगता अब तो ऐसा है
एक घरोंदा देने कि
आदम कि औकात नही ?
नारी!! तू शक्ति है !!
मुस्कुरा कर जी
ठान ले, अब तेरे हिस्से
आँसू कि बरसात नही !!!!
#सुरभि
बसती है जो मूरत ..
वो टूट अगर जाये तो
छूट अगर जाये तो ..?
जीने का हक़ छीन
लिया क्यों जाता है ?
ये कैसी, रस्में,
ये कैसा नाता है ?
क्यों जीना
उसके भाग्य नही ?
क्यों, क्या उसके मन
में ज़ज़बात नही ?
क्यों सपनों वाली
रात नही
क्यों अपना
कोई साथ नहीं ?
क्यों सपनों में ही
रहते हैं शहजादे ... ?
क्यों सच की
कोई बात नही ...
लगता अब तो ऐसा है
एक घरोंदा देने कि
आदम कि औकात नही ?
नारी!! तू शक्ति है !!
मुस्कुरा कर जी
ठान ले, अब तेरे हिस्से
आँसू कि बरसात नही !!!!
#सुरभि
Post a Comment